परामर्श समितियां
संसदीय कार्य मंत्रालय में संसद के दोनों सदनों के सदस्यों की परामर्शी समितियां गठित की जा रही है, जिन्हें विभिन्न मंत्रालयों के साथ संलग्न किया जाता है और उनकी बैठकों की व्यवस्था की जाती है। मंत्रालय के मंत्रियों/राज्य मंत्री प्रभारियों द्वारा उस मंत्रालय की परामर्शी समिति के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया जाता है।
इन समितियों का मुख्य प्रयोजन सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों पर सरकार तथा संसदीय सदस्यों के बीच अनौपचारिक चर्चा का एक मंच प्रदान करना और इनके कार्यान्वयन को आयोजित करना है। इन समितियों की बैठकें सत्र के दौरान और संसद के सत्रों की बीच की अवधि में की जाती है।
14वीं लोक सभा के गठन के बाद 32 परामर्शी समितियां विभिन्न मंत्रालयों के साथ गठित की गई थीं। इनके अलावा 16 अनौपचारिक परामर्शी समितियों का गठन 16 रेलवे क्षेत्रों के लिए भी किया गया है। मंत्रालयों के साथ संलग्नक परामर्शी समितियों के विपरीत ये अनौपचारिक समितियां केवल सत्र की अवधि के दौरान ही आयोजित की जाती हैं। 14वीं लोकसभा के गठन के बाद 31 मई 2007 तक परामर्शी समिति की 322 बैठकें आयोजित की गई थीं, जिसमें वर्ष 2006 के दौरान आयोजित 116 बैठकें शामिल हैं।
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