Saturday, 3 December 2016

प्रशासनिक ढांचा

प्रशासनिक ढांचा

भारत सरकार (कार्य आबंटन) नियम 1961 भारत सरकार के कार्य के आबंटन के लिए संविधान की धारा 77 के तहत राष्‍ट्रपति द्वारा बनाए गए हैं। सरकार के मंत्रालय/विभाग राष्‍ट्रपति द्वारा इन नियमों के तहत प्रधानमंत्री की सलाह पर सृजित किए जाते हैं। सरकार के कार्य मंत्रालयों/विभागों, सचिवालयों तथा कार्यालयों (जिन्‍हें "विभाग" कहा जाता है) में इन नियमों के तहत निर्दिष्‍ट विषयों के वितरण के अनुसार किए जाते हैं। राष्‍ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री की सलाह पर प्रत्‍येक मंत्रालय का कार्य एक मंत्री को सौंपा जाता है। आम तौर पर प्रत्‍येक विभाग नीतिगत मुद्दों और सामान्‍य प्रशासन पर मंत्री को सहायता देने के लिए एक सचिव के प्रभार में कार्य करता है।

मंत्रिमंडल सचिवालय

मंत्रिमंडलीय सचिवालय प्रधानमंत्री के प्रत्‍यक्ष प्रभार के तहत कार्य करता है। इस सचिवालय के प्रशासनिक प्रमुख मंत्रिमंडलीय सचिव होते हैं, जो नागरिक सेवा मंडल के पदेन अध्‍यक्ष भी होते हैं।
भारत सरकार (कार्य आबंटन) नियम, 1961 में "मंत्रिमंडलीय सचिवालय" को नियमों की प्रथम अनुसूची में स्‍थान दिया गया है। इस सचिवालय को आबंटित विषय हैं:
  1. मंत्रिमंडल तथा मंत्रिमंडलीय समितियों को सचिवीय सहायता; और
  2. कार्य के नियम।
मंत्रिमंडलीय सचिवालय भारत सरकार (कार्य करना) नियम, 1961 के प्रशासन तथा भारत सरकार (कार्य आबंटन) नियम 1961 के प्रशासन के लिए उत्तरदायी है, जिसमें इन नियमों का पालन सुनिश्चित करते हुए मंत्रालयों/विभागों में कार्य का सुचारु रूप से निर्वहन करने की सुविधा दी जाती है। सचिवालय सरकार को अंतर मंत्रालयीन सहयोग सुनिश्चित करते हुए, मंत्रालयों/विभागों के बीच मतभेद दूर करते हुए तथा सचिवों की स्‍थायी तथा तदर्थ समितियों को युक्तिपूर्ण रूप से उपयोग करते हुए सर्व सम्‍मति के विकास द्वारा सहायता प्रदान करता है। इस प्रक्रिया के द्वारा नई नीतिगत पहलों को भी प्रोत्‍साहन दिया जाता है।
मंत्रिमंडलीय सचिवालय सुनिश्चित करता है कि राष्‍ट्रपति, उपराष्‍ट्रपति और मंत्रियों को उनकी गतिविधियों के मासिक सारांश के माध्‍यम से सभी मंत्रालयों/‍‍विभागों की प्रमुख गतिविधियों के बारे में सूचना दी जाए। देश में प्रमुख संकट की परिस्थितियों के प्रबंधन और इन परिस्थितियों में विभिन्‍न मंत्रालयों के समन्‍वय की गतिविधियां भी मंत्रिमंडलीय सचिवालय के कार्यों में से एक है।
मंत्रिमंडलीय सचिवालय को अंतर मंत्रालयीन समन्‍वय को प्रोत्‍साहन देने के लिए विभाग द्वारा एक उपयोगी प्रक्रिया के रूप में देखा जाता है, क्‍योंकि मंत्रिमंडलीय सचिव नागरिक सेवाओं के प्रमुख भी हैं। सचिवों द्वारा मंत्रिमंडलीय सचिव को समय समय पर विकासों की जानकारी देना अनिवार्य समझा जाता है। कार्य नियमों के निर्वहन के लिए भी उन्‍हें अनौपचारिक रूप से मंत्रिमंडलीय सचिव को जानकारी देनी होती है, विशेष रूप से यदि वे इनमें से किसी नियम से परे जा रहे हों।

राष्‍ट्रीय प्राधिकरण, रासायनिक हथियार अभिसमय

राष्‍ट्रीय प्राधिकरण, रासायनिक हथियार अभिसमय (सीडब्‍ल्‍यूसी) की स्‍थापना एक सम्‍मेलन में 130 देशों द्वारा आरंभिक रूप से हस्‍ताक्षरित रासायनिक हथियार अभिसमय में बताई गई बाध्‍यताओं को पूरा करने के लिए 5 मई 1997 को मंत्रिमंडलीय सचिवालय द्वारा एक संकल्‍प द्वारा की गई थी। यह सम्‍मेलन 14 जनवरी 1993 को सदस्‍य राज्‍यों द्वारा सभी रासायनिक हथियारों के विकास, उत्‍पादन, निष्‍पादन, अंतरण, उपयोग और भण्‍डारण की रोकथाम करने के प्रयोजन हेतु समाप्‍त हुआ, जो एक गैर भेदभावपूर्ण प्रक्रिया है। इसकी बाध्‍यताओं को पूरा करने के लिए प्रत्‍येक राज्‍य पक्षकार को राष्‍ट्रीय केन्‍द्रीय बिन्‍दु के रूप में कार्य करने के लिए एक राष्‍ट्रीय प्राधिकरण को नामनिर्दिष्‍ट या स्‍थापित करना है जो रासायनिक हथियारों की रोकथाम के लिए संगठन तथा अन्‍य राज्‍य पक्षकारों के साथ प्रभावी समन्‍वय कर सके और इस प्रकार मंत्रिमंडलीय सचिवालय के प्रशासनिक नियंत्रण में राष्‍ट्रीय प्राधिकरण, रासायनिक हथियार अधिसमय का गठन किया गया था।
मंत्रिमंडलीय सचिव की अध्‍यक्षता में सचिव (रसायन एवं पेट्रो रसायन), विदेश सचिव, रक्षा अनुसंधान तथा विकास सचिव, रक्षा सचिव और अध्‍यक्ष, राष्‍ट्रीय प्राधिकरण को सदस्‍यों के रूप में लेकर एक उच्‍च स्‍तरीय विषय निर्वाचन समिति द्वारा राष्‍ट्रीय प्राधिकरण के कार्यों का निरीक्षण किया जाएगा। राष्‍ट्रीय प्राधिकरण, रासायनिक हथियार अभिसमय सीडब्‍ल्‍यूसी तथा अन्‍य राज्‍य पक्षकारों के साथ सीडब्‍ल्‍यूसी अधिनियम, के कार्यान्‍वयन हेतु, घोषणा की बाध्‍यताओं को पूरा करने के आंकड़ों के संग्रह, करारों की सुविधा में बातचीत, ओपीसीडब्‍ल्‍यू निरीक्षणों के समन्‍वय, राष्‍ट्रीय निरीक्षकों तथा उद्योग कार्मिकों के लिए उपयुक्‍त सुविधाएं प्रदान करने, गोपनीय कार्य सूचना की सुरक्षा सुनिश्चित करने, घोषणाओं की एक रूपता, शुद्धता और पूर्णता की जांच, सीडब्‍ल्‍यूसी से संबंधित गतिविधियों में संलग्‍न इकाइयों के पंजीकरण आदि के लिए उत्तरदायी है।

सरकार के मंत्रालय/विभाग

सरकार में अनेक मंत्रालय/विभाग है। इनकी संख्‍या और प्रकार समय समय पर कारकों के अनुसार बदलते रहते हैं जैसे कि कार्य का परिमाण, विशिष्‍ट मदों के साथ जुड़े महत्‍व, अभिविन्‍यास में परिवर्तन, राजनैतिक शीघ्रता आदि। केन्‍द्र में मंत्रालयों की संख्‍या 15 अगस्‍त 1947 को 18 थी।

मंत्रालयों/विभागों की सूची (३०.९.२००६ के अनुसार)

  1. कृषि मंत्रालय
    1. कृषि और विभाग
    2. कृषि अनुसंधान और शिक्षा विभाग
    3. पशुपालन, डेयरी और मत्‍स्‍य योजना विभाग
  2. रसायन और उर्वरक मंत्रालय
    1. रसायन और पेट्रो - रासायन विभाग
    2. उर्वरक विभाग
  3. नागर विमान मंत्रालय
  4. कोयला मंत्रालय
  5. वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय
    1. वाणिज्‍य विभाग
    2. औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग
  6. संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय
    1. दूरसंचार विभाग
    2. डाक विभाग
    3. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग
  7. उपभोक्‍ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय
    1. उपभोक्‍ता मामले विभाग
    2. खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग
  8. नैगम कार्य मंत्रालय
  9. संस्‍कृति मंत्रालय
  10. रक्षा मंत्रालय
    1. रक्षा विभाग
    2. रक्षा उत्‍पादन और आपूर्ति विभाग
    3. रक्षा अनुसंधान और विकास विभाग
  11. पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय
  12. भू विज्ञान मंत्रालय
  13. पर्यावरण और वन मंत्रालय
  14. विदेश मंत्रालय
  15. वित्त मंत्रालय
    1. आर्थिक कार्य विभाग
    2. व्‍यय विभाग
    3. राजस्‍व विभाग
    4. विनिवेश विभाग
    5. वित्तीय सेवाएं विभाग
  16. खाद्य प्रसंस्‍करण उद्योग मंत्रालय
  17. स्‍वास्थ्‍य और परिवार कल्‍याण मंत्रालय
    1. स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण विभाग
    2. आयुर्वेद, योग-प्राकृतिक चिकित्‍सा पद्धति, यूनानी, सिद्धा और होमियोपैथी विभाग
  18. भारी उद्योग और लोक उद्यम मंत्रालय
    1. भारी उद्योग विभाग
    2. लोक उद्यम विभाग
  19. गृह मंत्रालय
    1. आंतरिक सुरक्षा विभाग
    2. राज्‍य विभाग
    3. राज्‍य भाषा विभाग
    4. गृह विभाग
    5. जम्‍मू तथा कश्‍मीर विभाग
    6. सीमा प्रबंधन विभाग
  20. आवास और शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय
  21. मानव संसाधन विकास मंत्रालय
    1. स्‍कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग
    2. उच्‍चतर शिक्षा विभाग
  22. सूचना और प्रसारण मंत्रालय
  23. श्रम और रोजगार मंत्रालय
  24. विधि और न्‍याय मंत्रालय
    1. विधि कार्य विभाग
    2. विधायी विभाग
    3. न्‍याय विभाग
  25. खान मंत्रालय
  26. अल्‍पसंख्‍यक कार्य मंत्रालय
  27. नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय
  28. आप्रवासी भारतीय कार्य मंत्रालय
  29. पंचायती राज मंत्रालय
  30. संसदीय कार्य मंत्रालय
  31. कार्मिक लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय
    1. कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग
    2. प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग
    3. पेंशन और पेंशन भोगी कल्‍याण विभाग
  32. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय
  33. योजना मंत्रालय
  34. ऊर्जा मंत्रालय
  35. रेल मंत्रालय
  36. पोत परिवहन, सड़क परिवहन और राज मार्ग मंत्रालय
    1. पोत परिवहन विभाग
    2. सड़क परिवहन और राज मार्ग विभाग
  37. ग्रामीण विकास मंत्रालय
    1. ग्रामीण विकास विभाग
    2. भूमि संसाधन विभाग
    3. पेय जल पूर्ति विभाग
  38. विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय
    1. विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग
    2. विज्ञान और औद्योगिक अनुसंधान विभाग
    3. जैव प्रौद्योगिकी विभाग
  39. सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम मंत्रालय
  40. सामाजिक न्‍याय और अधिकारिता मंत्रालय
  41. सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्‍वयन मंत्रालय
  42. इस्‍पात मंत्रालय
  43. वस्‍त्र मंत्रालय
  44. पर्यटन मंत्रालय
  45. जनजातीय कल्‍याण कार्य
  46. शहरी विकास मंत्रालय
  47. जल संसाधन मंत्रालय
  48. महिला और बाल विकास मंत्रालय
  49. युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय
  50. परमाणु ऊर्जा विभाग
  51. अंतरिक्ष विभाग
  52. मंत्रिमंडल सचिवालय
  53. राष्‍ट्रपति सचिवालय
  54. प्रधानमंत्री कार्यालय
  55. योजना आयोग

स्रोत: भारत 2011

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