अन्य संसदीय कार्य
अखिल भारतीय व्हिप सम्मेलन
संसदीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा केन्द्र और राज्यों में विभिन्न राजनैतिक दलों के व्हिपों के बीच उपयुक्त संबंध स्थापित करने के प्रयोजन से समय समय पर अखिल भारतीय व्हिप सम्मेलन का आयोजन किया जाता है, जो आपसी सामान्य हितों के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए विधान मंडलों की व्यावाहरिक कार्यशैली से संबंधित हैं और संसदीय लोकतंत्र के संस्थान को सुदृढ़ बनाने के उच्च मानक विकसित करने के लिए हैं। वर्ष 1952 से अब तक चौदहवें अखिल भारतीय व्हिप सम्मेलन का आयोजन किया गया है। चौदहवें अखिल भारतीय व्हिप सम्मेलन का आयोजन 4-5 फरवरी 2008 को मुम्बई में किया गया था। चौदहवें अखिल भारतीय व्हिप सम्मेलन के उद्घाटन कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय उप राष्ट्रपति ने और समापन कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय स्पीकर, लोक सभा ने की।
नियम 377 के तहत मामले और विशेष उल्लेख
संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा लोक सभा में प्रक्रियाविधियों के नियम और कार्य के आयोजन के नियम 377 के तहत उठाए गए मामलों पर तथा राज्य सभा में विशेष उल्लेख के माध्यम से अनुवर्तन कार्रवाई की जाती है। संसद के दोनों सदनों में ''प्रश्नकाल'' के बाद ही संसद तात्कालिक सार्वजनिक महत्व के मामले उठा सकते हैं। जब कि यह अनिवार्य नहीं है फिर भी मंत्री कभी कभार सदस्यों द्वारा उठाए गए बिंदुओं पर प्रतिक्रिया दे सकते हैं। संबंधित मंत्री की अनुपस्थिति में संसदीय कार्यमंत्री द्वारा सदन अथवा वैयक्तिक सदस्य को आश्वासन दिया जाता है कि उनकी भावनाएं संबंधित मंत्रियों तक पहुंचा दी जाएगी।
आश्वासनों का कार्यान्वयन
मंत्रालय द्वारा संसद के दोनों सदनों में दैनिक कार्रवाइयों से मंत्रियों द्वारा दिए गए आश्वासनों, वचनों, शपथों आदि को चुना जाता है और फिर इन्हें कार्यान्वयन के लिए संबंधित मंत्रालयों / विभागों में भेजा जाता है। आश्वासनों के कार्यान्वयन में सरकार द्वारा की गई कार्रवाई के विवरण आश्वासन के कार्यान्वयन की उचित संवीक्षा के बाद, कार्यान्वयन की रिपोर्ट विभिन्न संबंधित मंत्रालयों / विभागों से प्राप्त की जाती है और इन्हें संसदीय कार्य मंत्री/सदन के मंत्री द्वारा सदनों के पटल पर आवधिक रूप से रखा जाता है।
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